भैंस के प्रसूतिकाल के रोग

भैंस के प्रसूतिकाल के रोग एवं उपचार : भैंस का प्रसूतिकाल प्रसव के बाद का वह समय है जिसमें मादा जननांग विशेष रूप से बच्चेदानी, शारीरिक व क्रियात्मक रूप से अपनी अगर्भित अवस्था में वापस आ जाती है। इसमें लगभग 45 दिन का समय लगता है। भैंस के प्रसूतिकाल के रोग इस प्रकार है। जनननलिका, योनि अथवा […]
भैंस पालकों के सवाल और ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब

भैंस पालकों के सवाल का ग्रोवेल के डॉक्टर की द्वारा जबाब , इस लेख में दिया गया है। प्र0 भैंस खुलकर गर्मी में नहीं आती। गाभिन करायें या नहीं? उ0 भैंस में गर्मी के लक्षण बहुत हल्के होते हैं। उनकी तुलना गाय से नहीं करनी चाहिए। लक्षण यदि ठीक प्रकार से पहचान में नहीं आ रहे हैं तो डाक्टर से जांच करा लें। इसके अलावा यदि […]
हिंदी में पशुपालन गाइड -भाग १

हिंदी पशुपालन गाइड में पशुपालन से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी गई है। इस हिंदी पशुपालन गाइड में निम्नांकित बिन्दुओं पर बिस्तृत जानकारी दी गई है। इस लेख को दो भागो में प्रकाशित किया गया है ,यह लेख इस लेख का भाग एक है । डेयरी पशुओं का आवास: • पशु का आवास जितना अधिक स्वच्छ तथा आरामदायक होता […]
भैंस पालन से सम्बंधित जानकारियाँ

भैंस पालन का डेयरी उधोग में काफी महत्व है । भैंस और विदेशी नस्ल की गायें ज्यादा मात्रा में दूध देती हैं।भारत में 55 प्रतिशत दूध अर्थात 20 मिलियन टन दूध भैंस पालन से मिलता है। भारत में मुख्यतःतीन तरह की भैंसें मिलती हैं, जिनमें मुरहा, मेहसना और सुरति प्रमुख हैं। मुरहा भैंसों की प्रमुख […]